The Pearl (Pb)
(0)
Author:
John SteinbeckPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
150
₹ 120 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This book has no description
Read moreAbout the Book
This book has no description
Book Details
-
ISBN9789390600922
-
Pages88
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Vastunishth Hindi Bhasha 2022 (45 Practice Sets, 58 Solved Papers)
- Author Name:
Vidyanath Shukal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokbharti : Hindi Kriya Kosh
- Author Name:
Helmut Nespitaal
- Book Type:

-
Description:
It is a pioneer work in the field of Hindi lexicography, lexicology and the linguistic analysis connected with it, because :
It is the first Hindi dictionary that contains :
(a) all simple verbs (e.g. आना, जाना, मरना...), as well as
(b) all compound verbs (e.g. group II : चल देना, डूब मरना, भगा ले जाना, उठ खड़ा होना...) and group II : दे भगाना, ले चलना, ले डूबना...) of the present standard language, in both its written and spoken form.
The laxical meanings of all simple and compound verbs :
(a) age given in detail in English and
(b) are illustrated by representative examples of their employment taken from written and spoken taxts.
The compound verbs of group I, e.g., चल देना, डूब मरना, etc., have, in most cases, the same lexical meaning(s) as the first verb of them when this one is used as an autonomous lexeme, e.g. : डूबना4 = डूब मरना1, both meaning, here, ''to drown oneself''; the difference between these two verb forms ties in their grammatical, i.e., above all, aspectual, meanings, but also in their lexical properties and their syntactic and pragmatic functions; the compound verbs of group II, e.g., दे भगाना, ले डूबना etc. are isolated lexemes, i.e., they do not have the same lexical meaning(s) as their first member when this one is used autonomously or alone.
These phenomena cannot be fully demonstrated by the lexical equivalents of the Hindi verbs in English, therefore they are, as far as possible, additionally explained (a) in the 'Introduction' of the dictionary, (b) in the entries of the verb lexemes and (c) by means of the textual examples of their usage.
The dictionary will fill an important gap in the analysis and description of Hindi and thus it will prove to be an indipensable work for all speakers, learners and teachers of Hindi whether in India or abroad.
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Vigyan Practice MCQs (MPTET Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IIT Mein Pravesh Kaise Payen
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: "आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत कठिन है । इसमें सफल होने के लिए जिस प्रकार की तैयारी छात्रों को करनी होती है, उसमें तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं -प्रतिस्पर्धात्मक निपुणता, पृष्ठभूमि का ज्ञान और स्व- प्रबंधन निपुणता । यह पुस्तक जीवन के लंबे अनुभव और श्रमशील अध्ययन के आधार पर इस आशा के साथ लिखी गई है कि इच्छुक छात्रों को आई. आई.टी. प्रवेश परीक्षा के प्रत्येक पहलू की तैयारी करने में सहायक बनेगी । प्रस्तुत पुस्तक आई. आई. टी. प्रवेश परीक्षा की यात्रा में आपके लिए एक प्रकाश-पुंज, कपास एवं नक्शे के रूप में सहायक हो, ऐसी कामना है । पढ़िए सीखिए और उत्तीर्ण होकर सफलता के शिखर छुइए । "
UTTAR PRADESH POLICE (FIREMAN, JAIL WARDER EVAM ARAKSHI GHUDSAWAR) BHARTI PARIKSHA-2020
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Vangmay Evam Kalkram: Kinnar Darshan
- Author Name:
Reshma Prasad
- Book Type:

- Description: Awaiting description
UPPSC Uttar Pradesh Lok Seva Ayog Nyayik Seva Civil Judge (Junior Division) Paper-I Samanaya Gyan (UPPSC Civil Judge JD General Knowledge Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kavita Kya Hai?
- Author Name:
Rameshraaj
- Rating:
- Book Type:

- Description: विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम कविता है। कविता लोक या मानव के रागात्मक जीवन की एक रागात्मक प्रस्तुति है। कविता रमणीय शब्दावली से उद्भाषित होने वाला रमणीय अर्थ है। कविता आलंकारिक शैली में व्यक्त की गयी संगीत से युक्त एक ऐसी सौन्दर्यमय छटा है, जिससे सामाजिकों को आत्मतोष का अनुभव या अनुभूति होती है। कविता लोक-व्यवहार, लोकानुभव या लोकानुभूतियों की रसात्मक प्रस्तुति है। वस्तुतः कविता कवि की वह वैचारिक सृष्टि है, जिसमें वह अपनी वैचारिक अवधारणाओं, मान्यताओं निर्णयों की प्रस्तुति अपनी रागात्मक दृष्टि के साथ करता है या ये कहा जा सकता है कि कवि की हर प्रकार की मान्यताओं, अवधारणाओं और निर्णयों के बीच एक रागात्मक धारा बहती है। कवि की वैचारिक सृष्टि की यही रागात्मक धारा आलम्बन विभावों के धर्म को सौन्दर्यमय और सत्योन्मुखी बनाती है। अतः कहा जा सकता है कि विचारों की सुन्दरतम् प्रस्तुति का नाम ही कविता है। एक विवेचनात्मक निबंध को आपके कविता के प्रति विचारों को और व्यापक करेगा।
Manusmriti Punarmoolyankan (Urf Muft Hue Badnam)
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: मनुस्मृति पुनर्मूल्यांकन' हिंदू कानून की पुस्तक न होकर एक सामाजिक निर्देशिका भर है। मनुस्मृति के लिखे जाने के समय हिंदू समाज में जातिप्रथा या वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर नहीं, गुण-कर्म-स्वभाव के आधार पर निर्धारित की जाती थी। अगर ऐसी कोई व्यवस्था होती तो भला चंद्रगुप्त मौर्य, जो एक दासी-पुत्र था, एक ब्राह्मण चाणक्य उसे अपना शिष्य या राजा बनाते। यही नहीं, वेदों, रामायण तथा महाभारत में शूद्र राजाओं का जिक्र कैसे आता? वर्ण व्यवस्था को समझने हेतु यह भी आवश्यक है कि वर्ण व्यवस्था हर काल में, हर देश-समाज में विद्यमान थी, और आज भी है। ब्राह्मण = विद्वान् ज्ञानी = आज के वैज्ञानिक; क्षत्रिय = समाज के बलशाली व्यक्ति = राजा = आज के राजनेता; बिजनेस tycoon, यथा बिल गेट्स या एलन मस्क—वैश्य; तब के कृषि मैनेजर आज के अनेक क्षेत्रों के मैनेजर [MBA] शूद्र = वर्कर। आज आधुनिक शिक्षा में ये वैज्ञानिक, राजनेता तथा बिजनेस tycoon, मैनेजर या वर्कर कहलाते हैं, तब भी गुण-कर्म-स्वभाव से वर्ण निर्धारित होते थे।
UP TGT Ganit 10 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Mathematics Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pali Hindi Kosh
- Author Name:
Bhadant Anand Kaushalyayan
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक भारत में और ख़ासतौर पर हिन्दी, गुजराती, बंगाली, मराठी भाषी क्षेत्रों में पालि-भाषा के अध्ययन की ओर आम लोगों की रुचि दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। भारत के कई विश्वविद्यालयों में पालि भाषा के अध्ययन-अध्यापन का कार्य हो रहा है। कई राज्यों में तो मिडल-स्कूल से पालि के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था की गई है। किन्तु पालि भाषा के छात्रों तथा अध्यापकों को ‘पालि-हिन्दी कोश’ की बहुत ही कमी महसूस हो रही थी। इस कमी को दूर करने का काम इस ‘पालि-हिन्दी कोश’ ने किया है। भारतीय भाषा कोश में डॉ. भदन्त आनन्द कौसल्यायन का यह बड़ा योगदान है।
कहा जाता है कि किसी भी भाषा के अध्ययन के लिए उस भाषा का कोश अनिवार्य है। यह कोश उन सभी की आवश्यकता को पूरा करता है जो पालि पढ़ने में रुचि रखते हैं। यह ‘पालि-हिन्दी कोश’ पालि भाषा, हिन्दी भाषा तथा बौद्ध साहित्य के अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त अधिकारी विद्वान द्वारा लिखा गया है। इससे हिन्दी, मराठी, और अन्य भारतीय भाषाओं के छात्र, अध्यापक निश्चित रूप से लाभान्वित होंगे। यह भारतीय भाषाओं में पालि-हिन्दी का अपने ढंग का एकमात्र कोश है।
Song of The Trinity: The Rise of Kali
- Author Name:
Vadhan
- Rating:
- Book Type:

- Description: There is an end coming; to all things. Kali, the Lord of Kaliyug, languishing in an impregnable prison, is devising a terrible revenge. In the age of deceit and treachery, his vassals are exploiting every flaw and weakness to break their liege out of captivity. The worlds are destroyed, villains resurrected, and mortals and Gods are annihilated, all of it just so Kali can rule over the universe. When he breaks loose, nothing can stop the end of days. The Gods are struggling to stop their infighting and to build an alliance to face the ancient peril. A handful of bravehearts including a cursed warrior, a one-of-a-kind Demi-God, a raging sage, and an extraterrestrial orphan are all that stand between the unspeakable evil and the existence of the universe. Hopelessly outnumbered, can they stop a nemesis that can kill them by merely glaring at them? The time is nigh! Stand your ground! Kaliyug is about to take us down!
Dharohar Gram Vikas Adhikari Mukhya Pariksha-2022
- Author Name:
Kunwar Raghuveer Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army Clerk/Store Keeper Bharti Pareeksha Guide
Shakespeare Ki Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Tales from Shakespeare)
- Author Name:
Charles Lamb +1
- Book Type:

- Description: सन 1807 में विलियम गुडविन द्वारा मैरी लैंब एवं उनके छोटे भाई चाल्र्स लैंब से शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय नाटकों को सरल भाषा में रूपांतरित करने का अनुरोध किया गया था, ताकि बच्चे उन्हें आसानी से समझ सकें। युवा पाठकों, विशेषतया लड़कियों से, जो उस समय पुस्तकालयों में पहुँच पाने में असमर्थ थीं, के साथ शेक्सपियर का पहली बार परिचय कराने के उददेश्य से इन कहानियों को लिखा गया था। चाल्र्स एवं मैरी ने शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय बीस नाटकों का चयन किया और उन्हें लघुकथाओं के रूप में पुन: लिखा। उनके लेखन का परिणाम ‘शेक्सपियर की बाल कहानियाँ’ के रूप में सामने आया है, जो अत्यंत रोचक है। विश्व के महानतम नाटककार की कृतियों में आनंद, आमोद-प्रमोद एवं अभिनय का अदभुत संगम है।
Quadi Number 0486 (Hindi Translation of Item Girl)
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: सुनहरी और सुहाना, दो जुड़वाँ बहनें, जिनका बचपन बेहद भयानक रहा है, दर्द और धोखे के भँवर में फँस जाती हैं, जब बॉलीवुड की मशहूर आइटम गर्ल सुनहरी पर उसके शातिर चाचा की हत्या का आरोप लगता है और उसे जेल भेज दिया जाता है। सुहाना, जो फिल्मकार बनाने की राह पर है, अपनी बहन को हर हाल में न्याय दिलाना चाहती है, लेकिन उसकी टक्कर अपनी सौतेली माँ काला से होती है, जिसने अपनी ही शैतानी साजिशें रची हैं। और जब तीन और चालबाज आइटम गर्ल्स—नर्गिस, डिजिटल डॉली और डेजी को सुनहरे केस में चश्मदीद बनाया जाता है तो मामला और भी उलझ जाता है। खौफनाक बलात्कार, एक बेरहम ब्लैमेलर, एक जालिम बॉयफ्रेंड, कुछ ज्यादा ही जाननेवाला एक सनकी पत्रकार और एक घाघ पुलिसवाले के घालमेल से बना मन को झकझोर देनेवाला वह मनोवैज्ञानिक थ्रिलर, जो आपको आखिर तक अपने चंगुल से निकलने नहीं देगा। शो बिजनेस के स्याह पहलू पर एक जबरदस्त, मनोरंजक कहानी ‘आइटम गर्ल’ पल भर के लिए भी सुस्त नहीं पड़ती। ‘विचित्र किरदारों से भरी परेशान कर देनेवाली दुनिया। यह ‘आइटम गर्ल’ महज एक आइटम नहीं है। यह फीचर फिल्म का दम रखती है।’ —हंसल मेहता बॉलीवुड पर अपनी दूसरी किताब में ऋचा लखेड़ा ग्लैमर की मोहक दुनिया की अँधेरी गलियों की पड़ताल करती हैं। —इरफान खान
Refugee Camp
- Author Name:
Ashish Kaul
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prasad Kavya-Kosh
- Author Name:
Suchita Verma +1
- Book Type:

-
Description:
जयशंकर प्रसाद ने ब्रजभाषा और हिन्दी में कविताएँ रची थीं। छायावाद के वे श्रेष्ठ कवि और नाटककार हैं; मगर उनकी रचना-यात्रा छायावाद से एक दशक पहले से प्रारंभ हो चुकी थी। प्रसाद का देहांत और छायावाद का ‘युगांत’ लगभग एक साथ घटित हुआ था। छायावाद का अधिकतम प्रतिनिधित्व प्रसाद की रचनाएँ करती हैं।
‘कामायनी’, ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘झरना’ आदि काव्य-पुस्तकों के साथ उनके नाटकों के गीतों को मिलाकर उनके कवि-व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता रहा है। प्रसाद का ब्रजभाषा काव्य उनके काव्य-संस्कार की बुनियाद को बनाता है और नाटकों के गीतों में इतिहास-सम्मत भावजगत बिखरा हुआ है। इस प्रभूत काव्य-संसार में शब्दों और पदबंधों की विविधता भरी-सजी है।
जयशंकर प्रसाद की समस्त काव्य-कृतियों में प्रयुक्त शब्दों और पदबंधों के आधार पर 'प्रसाद काव्य-कोश' का निर्माण किया गया है। प्रसाद के शब्द-प्रयोगों से जुड़ी काव्य-पंक्तियों को एक साथ पढ़कर अलग ढंग का आनंद आता है और उसके अर्थ की विभिन्न छायाओं को जानकर महसूस होता है कि हिन्दी की काव्य-भाषा कितनी समृद्ध है! प्रसाद के शब्द-संसार का सम्बन्ध संस्कृत, ब्रज और हिन्दी से भाषिक स्तर पर तो है ही, उनके ज्ञान का दायरा न जाने कितने ढंग के लोक और शास्त्र से जुड़ा है। उनके साहित्य में आया हुआ लोक अनेक कालखंडों से सम्बद्ध है। इन सब का प्रभाव उनके शब्द-संसार के वैविध्य और विस्तार पर पड़ा है।
गहरी साहित्यिक रुचि को आज भी प्रसाद का काव्य आकर्षित करता है। प्रसाद के पाठकों, अध्यापकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को यह कोश अर्थ तक पहुँचने में मददगार होगा।
Bihar Polytechnic Combined Entrance Exam (BCECE Polytechnic Entrance Competitive Exam 10 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book