Super Genius Computer Learner-3
(0)
Author:
Manuj Bajaj, Anil AhlawatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
250
200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
आधुनिक युग के विकास में कंप्यूटर का अतुलनीय योगदान है। आज किसी भी क्षेत्र में कंप्यूटर की उपस्थिति अनिवार्य रूप में देखी जा सकती है। हमारे राजमर्रा के लगभग सभी कार्य कंप्यूटर पर निर्भर हैं। बैंकका लेन-देन, टिकट, ए.टी.एम. सेवा, मोटरकार व हवाई जहाज नियंत्रण, पुस्तक-प्रकाशन, दस्तावेज तैयार करना, फोटो, फिल्म व संगीत से जुड़े कार्य, कक्षा में पढ़ाई करना इत्यादि सभी कार्य कंप्यूटर की मदद से सरलता से, तेजी से और त्रुटिहीनता के साथ पूरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज के युग को ‘कंप्यूटर का युग’ कहा जाता है। विज्ञान, तकनीकी, शोध, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, उड्डयन, संचार एवं शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर ने कृषि के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई है। कंप्यूटर क्रांति ने विश्व को एकसूत्र में बाँध दिया है। इंटरनेट ने तो कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार में और भी बड़ी भूमिका निभाई है। इंटरनेट के माध्यम से आज एक ‘क्लिक’ करके हम दुनिया के किसी भी कोने में पहुँच सकते हैं। इंटरनेट टेलीफोनी और इ-मेल ने संचार क्रांति को पंख लगा दिए हैं। इंटरनेट टेलीफोन से हम लगभग निशुल्क दुनिया के किसी भी कोने में टेलीफोन की तरह बात कर सकते हैं। ‘चैट’ के जरिए ‘लाइव’ बातचीत की जा सकती है।
Read moreAbout the Book
आधुनिक युग के विकास में कंप्यूटर का अतुलनीय योगदान है। आज किसी भी क्षेत्र में कंप्यूटर की उपस्थिति अनिवार्य रूप में देखी जा सकती है। हमारे राजमर्रा के लगभग सभी कार्य कंप्यूटर पर निर्भर हैं। बैंकका लेन-देन, टिकट, ए.टी.एम. सेवा, मोटरकार व हवाई जहाज नियंत्रण, पुस्तक-प्रकाशन, दस्तावेज तैयार करना, फोटो, फिल्म व संगीत से जुड़े कार्य, कक्षा में पढ़ाई करना इत्यादि सभी कार्य कंप्यूटर की मदद से सरलता से, तेजी से और त्रुटिहीनता के साथ पूरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज के युग को ‘कंप्यूटर का युग’ कहा जाता है।
विज्ञान, तकनीकी, शोध, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, उड्डयन, संचार एवं शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर ने कृषि के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई है। कंप्यूटर क्रांति ने विश्व को एकसूत्र में बाँध दिया है। इंटरनेट ने तो कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार में और भी बड़ी भूमिका निभाई है। इंटरनेट के माध्यम से आज एक ‘क्लिक’ करके हम दुनिया के किसी भी कोने में पहुँच सकते हैं। इंटरनेट टेलीफोनी और इ-मेल ने संचार क्रांति को पंख लगा दिए हैं। इंटरनेट टेलीफोन से हम लगभग निशुल्क दुनिया के किसी भी कोने में टेलीफोन की तरह बात कर सकते हैं। ‘चैट’ के जरिए ‘लाइव’ बातचीत की जा सकती है।
Book Details
-
ISBN9788173159251
-
Pages96
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Uttar Pradesh Gram Samaj evem Vikas Complete Book
- Author Name:
Harish Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jan Gopal : Sant Dadu Ke Jivanikar
- Author Name:
Purushottam Agarwal +1
- Book Type:

- Description: हालाँकि आज उन्हें बहुत लोग नहीं जानते, लेकिन जन गोपाल आरम्भिक आधुनिक भारत के एक महत्त्वपूर्ण देशज बुद्धिजीवी थे। ‘जन गोपाल : संत दादू के जीवनीकार’ पुस्तक के लेखकों का कहना है कि ऐसे कई निर्गुण भक्त कवि रहे हैं जिन पर उनकी काव्य-मेधा और ऐतिहासिक अहमियत के बावजूद उतना ध्यान नहीं दिया गया जितने के वे हक़दार थे। उन्नींसवीं सदी के राजस्थानी कवि एवं कथावाचक जन गोपाल भी ऐसी ही प्रतिभा हैं। यह पुस्तक उनके जीवन और कृतित्व पर केन्द्रित एक अभूतपूर्व अध्ययन है। जन गोपाल किसी आम निर्गुणपंथी भक्त के साँचे में पूरी तरह फ़िट नहीं बैठते। उनका जन्म एक व्यापारी परिवार में हुआ; निर्गुण पंथ का चुनाव उन्होंने किसी पारिवारिक या सामाजिक परम्परा के चलते नहीं, बल्कि अपने सचेत निजी निर्णय के आधार पर किया। उन्होंने अपने साहित्य में न केवल छन्दशास्त्र, काव्य-परम्परा और शास्त्रीय हिन्दुस्तानी संगीत के अपने अद्भुत ज्ञान का बल्कि एक नागर तथा प्रगतिशील संवेदना का भी परिचय दिया। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘दादू जनम लीला’ का नाम सबसे पहले आता है जो उनके गुरु और अकबर के समकालीन दादू दयाल की जीवन-गाथा है। भागवत पुराण की कथाओं को भी उन्होंने अपने काव्य में पिरोया जिनमें ‘प्रह्लाद चरित्र’, ‘ध्रुव चरित्र’ और ‘जड़ भरत चरित्र’ मुख्य हैं। इस पुस्तक में स्पष्ट होता है कि जन गोपाल का विशेष महत्त्व इसलिए है कि उन्होंने लोक-प्रचलित पौराणिक कथाओं को अपनी हिन्दी व ब्रज रचनाओं में समकालीनता का एक सूक्ष्म तेवर दिया। साथ ही इन कथाओं के नैतिक पक्ष को नए रूप में रचने की प्रक्रिया में उन्होंने पारम्परिक धर्मशास्त्र के मूल तत्त्व पर भी नई दृष्टि डाली और भक्ति को एक समतावादी और मुक्तिकारी रूप में प्रस्तुत किया। जन गोपाल के जीवन और कृतित्व के विश्लेषण के साथ और भक्ति परम्परा में उन्हें उनका उचित स्थान देते हुए लेखकों ने इस पुस्तक में उनके रचे तीनों चरित्रों (प्रह्लाद, ध्रुव और भरत) के साथ ही उनके बीस पद भी प्रस्तुत किए हैं। देशज बौद्धिक परम्पराओं और निर्गुण भक्ति के अध्ययन के लिए यह पुस्तक निस्सन्देह महत्त्वपूर्ण है।
Premchand : Addhyan Ki Nai Dishayen
- Author Name:
Kamal Kishore Goenka
- Book Type:

- Description: हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक प्रेमचंद पर विद्वान लेखक डॉ. कमल किशोर गोयनका द्वारा लिखा गया एक अनूठा ग्रंथ।
Pyar To Hona Hi Tha
- Author Name:
Himanshu Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Operation Khukri
- Author Name:
Major General Rajpal Punia +1
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Bhagat Singh Jail Note Book
- Author Name:
Harish Jain
- Book Type:

- Description: भगत सिंह की ‘जेल नोटबुक’ सुप्रसिद्ध विचारकों और दार्शनिकों के विचारों को लेकर उनकी पड़ताल का एक नया मार्ग खोलती है। एक जिज्ञासु और पढ़ने की भूख रखनेवाले व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध, भगत सिंह ने जेल में सजा काटने के दौरान अपनी पसंद के जाने-माने लेखकों की चुनिंदा पुस्तकों को बड़ी संख्या में जुटा लिया था। उन किताबों के जिन अंशों, नोट्स और उक्तियों को उन्होंने अपनी जेल नोटबुक में लिखा, वे न सिर्फ उस गंभीरता का परिचय देते हैं, जिनसे वह उन पुस्तकों को पढ़ा करते थे, बल्कि उनकी बौद्धिक गहराई और सामाजिक तथा राजनीतिक चिंताओं का प्रदर्शन भी करते हैं। भगत सिंह नोटबुक में नोट्स या कोई उक्ति लिखते समय उसके पूरे संदर्भ को दर्ज करने के प्रति ज्यादातर लापरवाह ही रहते थे, जिसके कारण बहुत सी भ्रांतियाँ उत्पन्न हुई हैं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखनेवाले विद्वानों की ओर से इस बारे में काल्पनिक दावे और बेबुनियाद अनुमान सामने आए हैं। इसमें ऐसी बातें हैं कि भगत सिंह ने जेल में किन महान् विचारकों की कितनी किताबें और कितनी मौलिक रचनाओं का अध्ययन किया था। अपनी इस पुस्तक ‘जेल नोटबुक : संदर्भ और प्रासंगिकता’ में हरीश जैन भगत सिंह के काम को आगे बढ़ाते हुए उनके द्वारा नोटबुक में दर्ज सूत्रों और उक्तियों के मूल स्रोतों को ढूँढ़ने, उनकी पढ़ी पुस्तकों को तलाशने और हर उक्ति विशेष और सूत्र को प्रामाणिकता प्रदान करने के लिए जो कार्य करते हैं उसमें उनकी असाधारण रूप से पुष्ट और श्रमसाध्य खोज और अनुसंधान की झलक दिखाई देती है। एक दशक से भी अधिक समय तक लेखक की ओर से की गई खोज की कहानी, युक्तिपूर्ण अनुमान और सूझ-बूझ से किताबों की खोज और पहचान, तथा उस समय उपलब्ध कई संभावित किताबों को खँगालने की प्रक्रिया, जिनमें से कई अब आसानी से उपलब्ध भी नहीं हैं, एक दिलचस्प अध्ययन है। उस समय के विभिन्न लेखकों के विचारों तक पहुँच और उनके महत्त्व को संदर्भ से जोड़कर आप समझ सकते हैं कि क्यों उनका भगत सिंह के लिए इतना महत्त्व रहा होगा। उन्होंने जिन किताबों को पढ़ा उनके मूल विचारों पर चर्चा के अलावा यहाँ उन उक्तियों के महत्त्व को विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है, जिन्हें भगत सिंह की ओर से नोटबुक में दर्ज किया गया था। यह अपनी तरह की अनोखी रचना है। इसका अध्ययन ज्ञान को समृद्ध करने के साथ ही आनंद का अनुभव भी कराता है। शहीद भगत सिंह की अध्ययन-शीलता और रुचि-अभिरुचि का दिग्दर्शन कराती ऐतिहासिक महत्त्व की पठनीय पुस्तक। —डॉ. हरीश पुरी
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Samajshastra (CUET Sociology in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UGC NET/JRF/SET PAPER-II SHIKSHASHASTRA 10 PRACTICE SETS
- Author Name:
Rakesh Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RAJYABHISHEK (PB)
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: आचार्य जी का यह प्रसिद्ध उपन्यास राम द्वारा लंका पर चढ़ाई से प्रारंभ होता है और सीता के भू प्रवेश तक चलता है। इसकी एक-एक पंक्ति, एक-एक दृश्य ऐसा जीवंत है कि पाठक को बरबस लगता है कि वह स्वयं उसी युग में जी रहा है। - बहुमुखी प्रतिभा के धनी आचार्य चतुरसेन ने ५० वर्षों तक विविध विधाओं में निरंतर लेखन कार्य किया। वह एक लेखक और विचारक ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शास्त्री भी थे ।
Antarman Ki Ore (Hindi Translation of Looking Inward: Meditating to Survive in A Changing World)
- Author Name:
Swami Purnachaitanya
- Book Type:

- Description: वर्ष 2021 में दुनिया को हमने दुनिया को जिस हाल में देखा, वह अब तक जो देखा था, उससे कहीं बदतर थी | ग्लोबल वॉर्मिंग, महामारी, जंगल की आग की तरह फैलनेवाली झूठी खबरें, दंगे, बदलता सामाजिक ढाँचा और जीवन-शैली | इन घटनाओं के दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और हमारी आंतरिक शांति पर स्थायी प्रभाव छोड़ जाते हैं । ऐसी स्थिति में हम तनावग्रस्त, अत्यधिक चिंतित एवं अवसादग्रस्त महसूस करते हैं। इस समय हमें पहले से कहीं अधिक अपने अंदर झाँकने की आवश्यकता है, ताकि हमें शक्ति, एकाग्रता, खुशी और जीवटता प्राप्त हो। 'अंतर्मन की ओर' पुस्तक में स्वामी पूर्णचैतन्य हमारी इस प्रकार सहायता करते हैं कि हम अपनी चिंता, तनाव और बेचैनी के स्रोत को पहचान सकें। वे हमें विचलित विचारों को शांत करने के लिए ध्यान का उपयोग कर वर्तमान में जीने, अपनी ऊर्जा को फिर से केंद्रित कर समस्याओं को दूर करने तथा उत्तरोत्तर आगे बढ़ने के साधन उपलब्ध कराते हैं। प्रत्येक अध्याय में ज्ञानवर्धक कहानियाँ, बहुमूल्य अंतर्दूष्टि और दस मिनट का व्यायाम शामिल है, जो हमें अपने मन का स्वामी बनाने और ध्यान की अपनी ही विधि तैयार करने के बेहद करीब ले जायेगा। आज ध्यान कोई विलासिता नहीं, एक आवश्यकता है। यह पुस्तक बदलती दुनिया को समझने और उससे अच्छी तरह निपटने के लिए हमारे आंतरिक ऊर्जा-भंडार को शक्तिशाली बनाने में भी हमारी सहायता करती है।
Vikram Aur Vetaal Stories Hindi Translation of The Return of Vikram And Betaal
- Author Name:
Sunita Pant Bansal
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Mayavi Amba Aur Shaitan
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं और एकाएक वह रुक गई। ये वही जंगल थे, जहाँ वे अपनी मरजी के मालिक बनकर घूमा करते थे। उस रात चाँद कुछ अनोखी चमक बिखेर रहा था। बाँजफल के बड़े पेड़ से माँ का शरीर झूल रहा था। मृत्यु के गहने की तरह उसने और कई अन्य महिलाओं ने उसे धारण किया था। यह सब बहुत तेजी से हुआ। चारों ओर छाया कुहरा गलकर सफेद धुंध बन रहा था, इतना गहरा कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। गाँव भी आँखों से ओझल हो गया था। जब धुंध छँटी, तब वहाँ वह छोटी लड़की कहीं भी नहीं थी। ऐसा लगा, जैसे वह निष्प्राण हवा में लुप्त हो गई हो। अपने पीछे दुर्गंध भरी गरमी छोड़कर और पत्थरों पर अपने पंजों के निशान, जैसे वे पत्थर मोम से बने हों! मौसम बदलने पर कुछ लोगों को जोतसोमा के घने जंगलों में जीव-जंतुओं की दिल दहलानेवाली भयानक चीख-पुकार के बीच अब भी उसका विलाप सुनाई देता है। बहुत ही मजबूत दिलवाले भी सूरज ढलने के बाद जोतसोमा के जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं करते। —इसी पुस्तक से
Rajkamal Student Hindi-English Dictionary
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्पूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया जा रहा है। इस कोश में विद्वान कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजानिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं।
साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज़्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद-कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
Ganit Se Kar Lo Dosti
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Jail Prahari Evam Van Rakshak Bharti Pariksha (MP Jail Prahari Forest Guard 15 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class 1-5 ) 15 Practice Sets Evam 11 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPSC KHAND SHIKSHA ADHIKARI PRARABHIK PARIKSHA-2020 (21 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bahodi
- Author Name:
Deshvardhan Singh
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास मुंबई की झुग्णी-बस्ती में रहनेवाले दरिद्र लड़के “बाहोड़ी' के बारे में है, जिसका बाप दारू की लत के चलते उसे चंद रुपयों की खातिर शफीक भाई को बेच देता है । शफीक भाई उसे अपने बेटे अरमान के साथ विद्यालय में पढ़ने भी भेजता है, साथ ही अपने बार-रेस्त्राँ में झाड़ू-पोंछा और बड़ा होने पर अपने सारे गैरकानूनी काले काम भी करवाता है। आगे चलकर जहाँ एक ओर परिस्थितिवश गुलाम बाहोड़ी बुराई के रास्ते पर चलते हुए भी आई.बी. में चयनित होकर, फिर रॉ का हिस्सा बनकर अच्छाई की राह चुनता है, वहीं दूसरी ओर अरमान, जिसे शफीक भाई एक अच्छा इनसान बनाना चाहता था, किंतु वह कब बुराई की राह पकड़कर आतंकवादियों के साथ मिल जाता है, इसका उसे जरा भी भान नहीं रहता | साथ में बाहोड़ी-असमाँ व अरमान की रोमांचित कर देनेवाली प्रेम कहानी भी है | उपन्यास गंभीर व मार्मिक होने के साथ ही हास्य से भी भरपूर है, जो बीच-बीच\ में आपको भीतर-ही-भीतर गुदगुदाता भी है, कभी प्रेमवश तो कभी बुराई पर व्यंग्यवश | बाहोड़ी की कहानी जनमानस को जीवन में सकारात्मक सोच के साथ सही चुनाव करने, अपनी परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और अपने बिगड़े हुए हालातों से संघर्ष करने को प्रेरित करती है | अंततः उपन्यास बुराई पर अच्छाई की जीत, धार्मिक सहिष्णुता व 'राष्ट्र प्रथम” की भावना का पुरजोर संदेश देता है
Agniveer Vayu - Indian Air Force (Other Than Science Subjects) 30 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Krishi (CUET Agriculture in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book