Ahinsa Ki Sanskriti : Aadhar Aur Aayam
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Author:
Nandkishore AcharyaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
199
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Available
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''हम भयावह रूप से हिंसक समय में रह रहे हैं। हिंसा, हत्या, आतंक, मारपीट, असहिष्णुता, घृणा आदि भीषण दुर्भाग्य से एक नई नागरिक शैली ही बन गए हैं। असहमति की जगह समाज और सार्वजनिक संवाद में तेज़ी से सिकुड़ रही है। हमारे युग में अहिंसा के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रयोक्ता महात्मा गाँधी का 150वाँ वर्ष हमने हाल ही में मनाया है। रज़ा निजी रूप से गाँधी जी से बहुत प्रभावित थे। ‘रज़ा पुस्तक माला’ के अन्तर्गत हम गाँधी-दृष्टि, जीवन और विचार से सम्बन्धित सामग्री नियमित रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नन्दकिशोर आचार्य ने एक बौद्धिक के रूप में अहिंसा पर लम्बे अरसे से बहुत महत्त्वपूर्ण काम किया है। एक ऐसे दौर में जब भारत में क्षुद्र वीरता और नीच हिंसा को अहिंसा से बेहतर बताया जा रहा है और संस्कृति के नाम पर अनेक कदाचार रोज़ हो रहे हैं, अहिंसा की संस्कृति को समझने और उस पर इसरार करने का विशेष महत्त्व है।’’ —अशोक वाजपेयी
Read moreAbout the Book
''हम भयावह रूप से हिंसक समय में रह रहे हैं। हिंसा, हत्या, आतंक, मारपीट, असहिष्णुता, घृणा आदि भीषण दुर्भाग्य से एक नई नागरिक शैली ही बन गए हैं। असहमति की जगह समाज और सार्वजनिक संवाद में तेज़ी से सिकुड़ रही है। हमारे युग में अहिंसा के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रयोक्ता महात्मा गाँधी का 150वाँ वर्ष हमने हाल ही में मनाया है। रज़ा निजी रूप से गाँधी जी से बहुत प्रभावित थे। ‘रज़ा पुस्तक माला’ के अन्तर्गत हम गाँधी-दृष्टि, जीवन और विचार से सम्बन्धित सामग्री नियमित रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नन्दकिशोर आचार्य ने एक बौद्धिक के रूप में अहिंसा पर लम्बे अरसे से बहुत महत्त्वपूर्ण काम किया है। एक ऐसे दौर में जब भारत में क्षुद्र वीरता और नीच हिंसा को अहिंसा से बेहतर बताया जा रहा है और संस्कृति के नाम पर अनेक कदाचार रोज़ हो रहे हैं, अहिंसा की संस्कृति को समझने और उस पर इसरार करने का विशेष महत्त्व है।’’ —अशोक वाजपेयी
Book Details
-
ISBN9789388183765
-
Pages129
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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—प्रस्तावना से
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—अशोक वाजपेयी
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क्या आप विश्वास कर पाएँगे कि आपको एक ऐसे शख्स ने लूटा है, जो ढाई साल पहले मर चुका है। क्या एक SMS भेजना हो सकता है, आपके जीवन की सबसे बड़ी गलती। क्या गलती थी उसकी, उसने सिर्फ एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ही तो रिसीव की थी। एक कॉल रिसीव किया और साफ हो गए उसके एकाउंट से पूरे 82 लाख रुपए। जब 14 साल का एक लड़का बन गया भारतीय रेलवे के लिए सबसे बड़ी मुसीबत। कैसे कमाए उस 22 साल के लड़के ने 3700 करोड़ रुपए सिर्फ फेसबुक से। आप विश्वास करेंगे, आपका बिजली का बिल भरकर, मैं कमा लूँ पूरे 100 करोड़ रुपए। जब एक मोबाइल एप्प के थ्रू हो गई एक किडनेपिंग। आप अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ सकते हैं, पर अपना मोबाइल बिना पासवर्ड मत रखिए। जब मरी हुई लड़की के फिटबिट बैंड ने दी गवाही और पहुँचा दिया क्रिमिनल को सलाखों के पीछे। क्या आप जानना चाहेंगे कि आप के घर का Wi-Fi खोल सकता है आपके कौन-कौन से राज। जब उसकी मौत और जिंदगी के बीच में आ गया एक व्हाट्सएप मेसेज। उसकी जान की कीमत सिर्फ 3 बिटकॉइन। यदि उस दिन फोन न खोया होता तो वह मर जाती। जब बिजली के बल्ब से रोशनी के बजाय आने लगे धमकी की आवाज। आजकल हर व्यक्ति अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन बिताता है, चाहे वो खरीदारी करना हो, बिल पेमेंट करनी हो, दोस्त बनाना हो, जिसकावर्णन बेचनी हो या घर खरीदना हो, कॉलेज के एडमिशन से लेकर शादी के लिए जीवनसाथी ढूँढ़ने तक आपकी जिंदगी इस ऑनलाइन के मायाजाल में उलझ तो गई ही है। लगातार हर क्षण एक ऐसी दुनिया अपनी वास्तविक दुनिया के समांतर खड़ी हो रही है, जिसको हम आभासी दुनिया कहते हैं, पर इस दुनिया में वे सारे अपराध संभव हैं, जो असली दुनिया में होते हैं, इस कारण इस दुनिया की अँधेरी सच्चाइयों के प्रति खुद को जागरूक रखना बहुत जरूरी हो गया है। उत्सुकता बहुत है, जानने की चाह भी, पर इस भागती दुनिया में हमारे पास वक्त कहाँ है कि हम इन दिशा-निर्देशों को सीखें, कोई भी ऐसा ज्ञान या वीडियो बड़ा ही बोरिंग लगने लगता है, जब कोई कहता है कि OTP मत दीजिए, लिंक क्लिक मत कीजिए या फोन पर कोई डिटेल शेयर मत कीजिए। लेखकद्वय ने अनुभव किया कि लोग दिशा-निर्देश भले ही भूल जाएँ पर उन्हें कहानियाँ याद रहती हैं, तो क्यों न वे ये बातें कहानियों के द्वारा बताएँ और तब इस पुस्तक ‘साइबर क्राइम की रोमांचकारी कहानियाँ’ की जरूरत महसूस हुई।दरअसल ये कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इनके द्वारा कुछ अनुभव साझा किए हैं। उनका मानना है कि सच्चाइयाँ कल्पना से ज्यादा रोचक होती हैं; ये सच्ची कहानियाँ न सिर्फ आपको साइबर खबरों के प्रति आगाह करेंगी, बल्कि आपको सतर्क भी करेंगी, ऐसे क्रिमिनल्स से निपटने के लिए।
Chhattigarh Ka Itihas
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Dr. Gitesh Kumar Amrohit
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Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
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"हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
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