Abhagi Ka Swarg
(0)
Author:
Sarat Chandra ChattopadhyayPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
बांग्ला के उपन्यास-सम्राट् शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की संपूर्ण अमर कृतियाँ देश-विदेश की अनेक भाषाओं में अनूदित होकर प्रकाश में आ चुकी हैं; परंतु हिंदी में जहाँ एक ओर उनके उपन्यास तथा उपन्यास के रूप में बड़ी-बड़ी कहानियों के अनेक अनुवाद हुए हैं, वहाँ उनकी लघु-कथाओं के अनुवाद अपेक्षाकृत बहुत कम हो प्रकाश में आए हैं। प्रस्तुत पुस्तक में शरतबाबू की सात लघु-कथाएँ संकलित हैं। सभी कहानियाँ एक-से-एक सुंदर, प्रेरणाप्रद, मर्मस्पर्शी एवं शिल्प की दृष्टि से अत्युत्तम हैं। अनुवाद में केवल मूल भावों की ही रक्षा नहीं की गई है, अपितु वह अक्षरश: हो और प्रभाव में भी शिथिलता न पड़े, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। आशा है, रवींद्रकथा-माला की भाँति शरतकथा-माला को भी स्नेहपूर्वक अपनाकर हिंदी-पाठक हमारे श्रम को सार्थक करेंगे।
Read moreAbout the Book
बांग्ला के उपन्यास-सम्राट् शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की संपूर्ण अमर कृतियाँ देश-विदेश की अनेक भाषाओं में अनूदित होकर प्रकाश में आ चुकी हैं; परंतु हिंदी में जहाँ एक ओर उनके उपन्यास तथा उपन्यास के रूप में बड़ी-बड़ी कहानियों के अनेक अनुवाद हुए हैं, वहाँ उनकी लघु-कथाओं के अनुवाद अपेक्षाकृत बहुत कम हो प्रकाश में आए हैं। प्रस्तुत पुस्तक में शरतबाबू की सात लघु-कथाएँ संकलित हैं। सभी कहानियाँ एक-से-एक सुंदर, प्रेरणाप्रद, मर्मस्पर्शी एवं शिल्प की दृष्टि से अत्युत्तम हैं। अनुवाद में केवल मूल भावों की ही रक्षा नहीं की गई है, अपितु वह अक्षरश: हो और प्रभाव में भी शिथिलता न पड़े, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। आशा है, रवींद्रकथा-माला की भाँति शरतकथा-माला को भी स्नेहपूर्वक अपनाकर हिंदी-पाठक हमारे श्रम को सार्थक करेंगे।
Book Details
-
ISBN9789352662593
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bhagat Singh Jail Note Book
- Author Name:
Harish Jain
- Book Type:

- Description: भगत सिंह की ‘जेल नोटबुक’ सुप्रसिद्ध विचारकों और दार्शनिकों के विचारों को लेकर उनकी पड़ताल का एक नया मार्ग खोलती है। एक जिज्ञासु और पढ़ने की भूख रखनेवाले व्यक्ति के रूप में प्रसिद्ध, भगत सिंह ने जेल में सजा काटने के दौरान अपनी पसंद के जाने-माने लेखकों की चुनिंदा पुस्तकों को बड़ी संख्या में जुटा लिया था। उन किताबों के जिन अंशों, नोट्स और उक्तियों को उन्होंने अपनी जेल नोटबुक में लिखा, वे न सिर्फ उस गंभीरता का परिचय देते हैं, जिनसे वह उन पुस्तकों को पढ़ा करते थे, बल्कि उनकी बौद्धिक गहराई और सामाजिक तथा राजनीतिक चिंताओं का प्रदर्शन भी करते हैं। भगत सिंह नोटबुक में नोट्स या कोई उक्ति लिखते समय उसके पूरे संदर्भ को दर्ज करने के प्रति ज्यादातर लापरवाह ही रहते थे, जिसके कारण बहुत सी भ्रांतियाँ उत्पन्न हुई हैं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखनेवाले विद्वानों की ओर से इस बारे में काल्पनिक दावे और बेबुनियाद अनुमान सामने आए हैं। इसमें ऐसी बातें हैं कि भगत सिंह ने जेल में किन महान् विचारकों की कितनी किताबें और कितनी मौलिक रचनाओं का अध्ययन किया था। अपनी इस पुस्तक ‘जेल नोटबुक : संदर्भ और प्रासंगिकता’ में हरीश जैन भगत सिंह के काम को आगे बढ़ाते हुए उनके द्वारा नोटबुक में दर्ज सूत्रों और उक्तियों के मूल स्रोतों को ढूँढ़ने, उनकी पढ़ी पुस्तकों को तलाशने और हर उक्ति विशेष और सूत्र को प्रामाणिकता प्रदान करने के लिए जो कार्य करते हैं उसमें उनकी असाधारण रूप से पुष्ट और श्रमसाध्य खोज और अनुसंधान की झलक दिखाई देती है। एक दशक से भी अधिक समय तक लेखक की ओर से की गई खोज की कहानी, युक्तिपूर्ण अनुमान और सूझ-बूझ से किताबों की खोज और पहचान, तथा उस समय उपलब्ध कई संभावित किताबों को खँगालने की प्रक्रिया, जिनमें से कई अब आसानी से उपलब्ध भी नहीं हैं, एक दिलचस्प अध्ययन है। उस समय के विभिन्न लेखकों के विचारों तक पहुँच और उनके महत्त्व को संदर्भ से जोड़कर आप समझ सकते हैं कि क्यों उनका भगत सिंह के लिए इतना महत्त्व रहा होगा। उन्होंने जिन किताबों को पढ़ा उनके मूल विचारों पर चर्चा के अलावा यहाँ उन उक्तियों के महत्त्व को विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है, जिन्हें भगत सिंह की ओर से नोटबुक में दर्ज किया गया था। यह अपनी तरह की अनोखी रचना है। इसका अध्ययन ज्ञान को समृद्ध करने के साथ ही आनंद का अनुभव भी कराता है। शहीद भगत सिंह की अध्ययन-शीलता और रुचि-अभिरुचि का दिग्दर्शन कराती ऐतिहासिक महत्त्व की पठनीय पुस्तक। —डॉ. हरीश पुरी
Kale Pani Ki Kalank Katha
- Author Name:
Shri S.K. Narang
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Aadhunik Hindi Proyog Kosh
- Author Name:
Badri Nath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग।
भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं।
प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है।
सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं।
‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Zindagi Anmol Avasar Hai
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: आधुनिक जीवन की दौड़ में हम देखते हैं कि युवा वर्ग में कुछ असंतोष और कुछ विद्रोह के भाव एक बेचैनी उत्पन्न कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि एक युवा, जो कुछ पाना चाहता है, वह प्राप्त नहीं कर पा रहा है। इसका मतलब यह नहीं कि आज के युवा वर्ग में प्रतिभा या योग्यता नहीं है अथवा उसमें ऊर्जा की कोई कमी है। कमी है तो केवल सकारात्मक सोच की। उन्हें आगे बढऩे हेतु सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। वे अवसर की खोज में दर-दर भटक रहे हैं, परंतु उन्हें अवसर दिखाई नहीं दे रहा है। इसका कारण है कि उन्हें यह नहीं मालूम कि खुद का अनमोल जीवन ही सबसे बड़ा अवसर है। अगर युवा वर्ग की ऊर्जा एवं सोच को सही मार्गदर्शन प्राप्त हो जाए और उन्हें यह समझ में आ जाए कि यह जीवन ही सबसे बड़ा अवसर है, जिसके अंदर छिपी शक्तियों एवं गुणों को जानकर हम अन्य अवसरों को पकड़ सकते हैं, तो उन्हें सर्वत्र अवसर-ही-अवसर दिखाई देंगे। इन्हीं बातों की चर्चा इस पुस्तक में की गई है, जिन्हें पढक़र और उन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति अपने हर सपने को साकार कर सकता है। भय, भ्रम एवं निराशा में घिरे व्यक्तियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक पुस्तक।
NTA UGC NET/JRF/SET Sociology 28 Solved Papers (2012-2021) & 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir : Sahitya Aur Sanskriti
- Author Name:
Shiben Krishna Raina
- Book Type:

-
Description:
कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य जितना विश्वविख्यात है, उतना ही उसकी साहित्यिक सांस्कृतिक विरासत भी मूल्यवान और सर्वविदित है।
ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ घाटियों के बीच में भास्वरित होती झीलें, झाड़ियों से भरे जंगल फूलों से घिरी पगडण्डियाँ केसर-पुष्पों से महकते खेत, कल-कल करते झरने, बर्फ से आच्छादित पर्वतमालाएँ आदि कश्मीर की अनुपम खूबसूरती को स्वतः ही बयाँ करते हैं।
प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ कश्मीर की सांस्कृतिक साहित्यिक धरोहर भी कम अनूठी और गौरवशाली नहीं है। इस धरती को धर्म-दर्शन और विद्या-बुद्धि की पुण्य-स्थली माना जाता है। शारदापीठ भी कहा जाता है और रेश्यवार (ऋषियों की बगीचों) के नाम से भी अभिहित किया जाता है। इस भूखण्ड ने भारतीय ज्ञानपरम्परा को बड़े-बड़े मनीषी विद्वान और कालजयी महापुरुष दिये हैं जिनका अवदान सदा स्मरणीय रहेगा। महान रसशास्त्री और शैवाचार्य अभिनव गुप्त, कवि-इतिहासकार (राजतरंगिणीकार) कल्हण काव्यशास्त्री मम्मट आनन्दवर्धन, वामन, आचार्य क्षेमेन्द्र आदि के नाम इस सन्दर्भ में बड़े गर्व के साथ लिये जा सकते हैं।
Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Arthik Evam Dharniya Vikas
- Author Name:
Manoj Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hridaya Ki Parakh
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: चैत्र मास का अंतिम दौर चल रहा था। वसंत का यौवन चतुर्दिक बिखरी हरीतिमा के अंग-प्रत्यंगों से फूट चला था। संध्या का समय था। चंद्रमा कभी बादलों के आवरण में मुँह छिपाता और कभी स्वच्छ नीलाकाश में खुले मुँह अठखेलियाँ सी करता फिरता। मैं भोजन के उपरांत अपने अनन्य मित्र बाबू सूर्यप्रताप के साथ अपने मकान की छत पर घूम-घूमकर इस दृश्य का आनंद लूट रहा था। मन उस समय इतना प्रफुल्ल था, किंतु मेरे मित्र के मन में सुख नहीं था। क्योंकि जब मैंने हँसकर सुंदर चंद्रमा की चपलता पर एक व्यंग्य छोड़ा, तो उन्होंने प्रशांत तारकहीन नीलाकाश की ओर हाथ फैलाकर उदास मुख, गंभीर वाणी और कंपित स्वर में कहा, “इस अस्थिर और श्रुद्र चंद्रमा की चपलता से अनुरंजित कहीं इस अनंत गांभीर्य की अमूर्त मूर्ति को मत भूल जाना।"
Bharat Vibhajan Aur Pakistan Ke Shadyantra
- Author Name:
Balbir Dutt
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Classroom Mein Chanakya
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: आचार्य चाणक्य कूटनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक महान् शिक्षक भी थे। उन्होंने चंद्रगुप्त को अपने शैक्षिक निर्देशन में साधारण से असाधारण बना दिया और सत्ता के सबसे शीर्ष सिहासन तक पहुँचा दिया, इसी प्रकार, चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र ‘चाणक्य नीति’ में विद्यार्थियों के लिए भी अपना निजी उच्च और अनुभूत शैक्षिक दर्शन व्यक्त किया है। उनके शैक्षिक दर्शन को जीवन में उतारकर एक साधारण विद्यार्थी थी भी असाधारण उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।
UTTAR PRADESH UP-NIRIKSHAK BHARTI PARIKSHA MOOL VIDHI EVAM SAMVIDHAN
- Author Name:
Suresh Verma
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस एवं पी.ए.सी. उप-निरीक्षक SI (प्लाटून कमांडर, पी.ए.सी. एवं अग्निशमन) विषय-सूची सॉल्व्ड पेपर-2017 —Pgs. 1-18 मूल विधि —Pgs. 1-126 • भारतीय दण्ड प्रक्रिया स्हिंता —Pgs. 3-15 • भारतीय साक्ष्य अधिनियम —Pgs. 16-42 • भष्टाचार निवारण अधिनियम —Pgs. 43-49 • राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम —Pgs. 50-52 • मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम —Pgs. 53-61 • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 और सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1995 —Pgs. 62-69 • पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 —Pgs. 70-73 • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 —Pgs. 74-77 • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 —Pgs. 78-80 • भारतीय दण्ड स्हिंता, 1860 —Pgs. 81-85 • साइबर अपराध —Pgs. 86-88 • जनहित —Pgs. 89-93 • समकालीन पुलिस मुद्दे एवं कानून व्यवस्था —Pgs. 94-97 • साम्प्रदायिकता और साम्प्रदायिक सद्भाव —Pgs. 98-101 • पुलिस प्रणाली और अपराध नियंत्रण —Pgs. 102-112 • पुलिस एवं विधि का शासन —Pgs. 113-115 • मानसिक दृढ़ता, तनाव प्रंध और व्यवसाय के प्रति रुचि —Pgs. 116-120 • पुलिस एवं अल्पसंख्यक —Pgs. 121-124 • लैंगिक संवेदनशीलता —Pgs. 125-126 संविधान —Pgs. 1-82 • भारतीय स्विंधान —Pgs. 3-17 • भारतीय कार्यपालिका —Pgs. 18-50 • न्यायपालिका —Pgs. 51-55 • पंचायती राज एवं ई-गवर्नेंस —Pgs. 56-61 • स्विंधान संशोधन —Pgs. 62-70 • संस्थाएँ एवं केन्द्र-राज्य संबंध —Pgs. 71-82 (पुरुष एवं महिला) भर्ती परीक्षा नवीनतम सॉल्ड पेपर सहित मूल विधि एवं संविधान
Vidhanmandal Paddhti Avam Prakriya
- Author Name:
Avadhesh Pratap Singh
- Book Type:

- Description: Legislature's practice & Procedure
Tankman (Hindi Translation of The Burning Chaffees)
- Author Name:
Brig. B.S. Mehta
- Book Type:

- Description: सन 1947 तक गैर-लड़ाकू करार दिए गए और भारतीय सेना में योद्धाओं के रूप में शामिल होने से वंचित अदर इंडियन क्लासिक्स (ओ.आई.सी. ), घुड़सवार सेना के सी स्क्वाड्रन का हिस्सा थे। महत्त्वाकांक्षी पीटी-76 उभयचर टैंकों से सुसज्जित होने के कारण उन्हें पूर्वी पाकिस्तान से आनेवाले खतरे का मुकाबला करने के लिए महत्त्वपूर्ण बोयरा इलाके के पास कबोदक नदी को पार करने का निर्देश दिया गया। 21 नवंबर, 1971 को पाकिस्तानी सेना के जो उम्दा फौजी थे और डींगें हाँकते थे कि एक पाकिस्तानी सैनिक तीन भारतीय सैनिकों के बराबर है, गरीबपुर में उनका टैंक बनाम टैंक के मुकाबले से पाला पड़ा। एक ही झटके में चौदह अमेरिकी एम-24 चाफी टैंक वाली तीन (अलग-अलग) बख्तरबंद स्क्वाड्रन पूरी तरह तबाह कर दी गईं और पैदल सैनिकों की दो बटालियन बुरी तरह रौंद दी गईं। वहीं दो पीटी-76 टैंकों के नुकसान के बदले तीन साब्रे एफ-86 जेट मार गिराए गए। भारतीयों और मुक्ति वाहिनी को सबक सिखाने के लिए जनरल एएके नियाजी ने जिस सबसे बड़े हमले की योजना बनाई थी, वह धुआँ-धुआँ हो गई । 45वीं घुड़सवार सेना ने भारतीय इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया था। 300 से 700 मीटर के इलाके में लड़ी गई लड़ाई ने एक स्क्वाड्रन के हाथों दूसरी स्क्वाड्रन की पूरी तबाही की एक अद्भुत मिसाल कायम की। इसने अजेय होने के पाकिस्तानी भ्रम को तोड़ दिया और जनरल याहया खान समेत उनके जनरलों की मंडली में खलबली मचा दी । सातवाँ बेड़ा जब तक बंगाल की खाड़ी में दाखिल होता, तब तक पाकिस्तान के 93,000 सैनिक मित्र वाहिनी (भारत-बांग्लादेश की संयुक्त सेना) के आगे आत्मसमर्पण कर चुके थे, और बांग्लादेश आजाद हो चुका था।
BPSC Bihar Shikshak Bahali Itihas Bhag-1 (History) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janane ki Batein : (Vol. 11)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: Janane ki Batein : Vol. 11
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Sanskrit (CUET Sanskrit in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Essence of Life
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lachhaman Gun Gatha
- Author Name:
Rajendra Arun +1
- Book Type:

- Description: रामकथा में लक्ष्मणजी का चरित्र सबसे विचित्र, सबसे अनुपम और सबसे भिन्न है। वे केवल श्रीराम के अनुज ही नहीं, बल्कि उनके सहचर और अनुचर भी हैं, प्राण और अंतरात्मा भी हैं, सुहृद् और भक्त भी हैं तथा दर्पण और प्रतिबिंब भी हैं। वास्तव में वे उनके सर्वस्व हैं। दोनों का जीवन प्रेम और विश्वास के अटूट सूत्र से बँधा हुआ है, जहाँ किसी प्रकार के दुराव, छिपाव और अलगाव की कोई गुंजाइश नहीं। विश्व इतिहास में ऐसा चरित्र मिलना दुर्लभ है, जिसने अपने अग्रज की सेवा में अपने अस्तित्व का पूर्णतया विसर्जन कर दिया हो और उसी में अपने जीवन की धन्यता और सार्थकता पाई हो। लक्ष्मण महापराक्रमी, श्रेष्ठ योद्धा, बुद्धिमान्, धर्मज्ञ, नीतिज्ञ, शास्त्रज्ञ, वाक्-निपुण, दूरदर्शी, सेवाव्रती, आत्मवान्, जितेंद्रिय, परम संयमी, वैराग्यवान् और सदाचारी होने के साथ-ही-साथ अनेक कलाओं में भी निपुण थे। त्याग, सेवा और समर्पण के वे मूर्तिमान् स्वरूप थे। यह पुस्तक मुख्य रूप से रामचरितमानस पर आधारित है, परंतु आवश्यकतानुसार वाल्मीकि रामायण से भी सहायता ली गई है। महर्षि वाल्मीकि ने लक्ष्मणजी के कुछ गुणों, जैसे—सेवा, पर्णकुटी बनाने की दक्षता, पुरुषार्थ के प्रति निष्ठा, सीताजी के वियोग में संतप्त श्रीराम का मनोबल बढ़ाने की कला आदि का बहुत ही सजीव वर्णन किया है। लक्ष्मणजी की यशोगाथा को सत्रह अध्यायों में विभाजित किया गया है। हर अध्याय का नाम चौपाई विशेष की अर्द्धाली के आधार पर रखा गया है और अध्यायों का क्रम रामचरितमानस में आई चौपाइयों के क्रमानुसार सुनिश्चित किया गया है।
Bhartiya Rangkosh : Vol. 1
- Author Name:
Pratibha Agarwal
- Book Type:

-
Description:
नाटक और रंगकर्म की सन्दर्भ सामग्री के रूप में यह रंगकोश एक नई पहल है। इसके पहले खंड में हिन्दी में मंचित नाटकों का इतिहास संकलित है। कब किसने किस नाटक को निर्देशित किया, नाटक किसका लिखा हुआ है, और उसे किस दल ने मंच पर उतारा, आदि-आदि ब्योरों से सम्बन्धित यह कोश सहज ही हमें नाट्य-लेखन और रंगकर्म के इतिहास में भी ले जाता है, और यह भी बताता है कि हिन्दी में लिखित और मंचित नाटकों की वास्तव में एक बड़ी दुनिया रही है।
इस दूसरे खंड में उन रंग-व्यक्तित्वों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं, जिनका गहरा रिश्ता हिन्दी रंगमंच से रहा है। इनमें नाटककला, निर्देशक, अभिनेता, संगीत-सर्जक, मंच-प्रकाश-परिधान परिकल्पक आदि के साथ-साथ प्रेरक व्यक्तित्वों का परिचय भी अकारादिक्रम से दिया गया है। उन दूसरी भाषाओं के नाटककारों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनके अनूदित नाटक हिन्दी में लोकप्रिय रहे हैं। इस प्रकार कुल लगभग चार सौ रंग-व्यक्तित्वों की प्रविष्टियाँ इस कोश में शामिल हैं।
हिन्दी के रंगमंच से जुड़ी शख़्सियतों को सूचीबद्ध करना, उनमें से इन महत्त्वपूर्ण लोगों का चयन करना और फिर जम्मू से कोलकाता तक के व्यापक क्षेत्र में, विभिन्न नगरों में सक्रिय रंगकर्मियों के बारे में सूचनाएँ एकत्र करना बहुत ही कठिन कार्य था।
सम्पादक के सराहनीय परिश्रम और मेधा को इस पुस्तक से गुज़रते हुए सहज ही लक्षित किया जा सकता है। निश्चित रूप से यह रंगकोश हिन्दी रंगकर्म की दुनिया में एक मील का पत्थर है।
ZINDAGI BULA RAHI HAI
- Author Name:
Smt. Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Description of the book is awaited.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book